Lesson 3. संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक
👉 कपड़े प्राकृतिक अथवा कृत्रिम स्रोतों से प्राप्त रेशों से बनाये जाते हैं |
👉 रेशे दो प्रकार के होते हैं | (i) प्राकृतिक रेशा (ii) कृत्रिम रेशा
👉 प्राकृतिक रेशे, जैसे कपास, पटसन, ऊन एवं रेशम आदि पौधों अथवा जंतुओं से प्राप्त होते हैं |
👉 जिन रेशों को मनुष्य स्वयं बनाता है उसे संक्षेपित या कृत्रिम अथवा मानव निर्मित रेशे कहते हैं | जैसे- नायलॉन, पोलिएस्टर , टेरीकॉट आदि |
👉 रासायनिक पदार्थों की अनेक छोटी-छोटी इकाइयाँ मिलकर एक बड़ी एकल इकाई बनाते हैं जो बहुलक कहलाती है | इसे पॉलीमर भी कहते हैं |
👉 कपास भी एक प्राकृतिक बहुलक है जो सेलुलोज से बना है | सेलुलोज बड़ी संख्या में ग्लूकोज इकाइयों द्वारा निर्मित होता है |
👉 - सेलुलोज एक विशेष प्रकार का कार्बोहाइड्रेट्स है जो प्राकृतिक रूप से पेड़-पौधों में पाया जाता है |
👉 - रेयान एक प्रकार का कृत्रिम रेशम है जिसे काष्ठ लुगदी के रासायनिक उपचार से प्राप्त किया जाता है |
👉 - रेयान को कपास के साथ मिलाकर बिस्तर की चादरें बनाते हैं अथवा ऊन के साथ मिलाकर कालीन या गलीचा बनाते हैं |
👉 - नायलॉन भी एक कृत्रिम रेशा है जो इतना मजबूत होता है कि इससे नायलॉन पैराशूट और चट्टानों पर चढ़ने हेतु रस्से बना सकते हैं |
👉 - नायलॉन का निर्माण कोयला, जल और वायु से किया जाता है |
👉 - पोलिएस्टर एक अन्य प्रकार का संक्षेपित रेशा है | इसका उपयोग वस्त्र निर्माण में किया जाता है |
👉 - ऐक्रिलिक एक अन्य प्रकार का संक्षेपित रेशा है जो ऊन से जैसा दिखाई देता है |Nootteन है |
👉 Exam के लिए 3 सबसे Important Points
1. रेशे 2 प्रकार*: प्राकृतिक - कपास, पटसन, ऊन, रेशम | कृत्रिम - नायलॉन, पोलिएस्टर, रेयान, ऐक्रिलिक
2. बहुलक/पॉलीमर: छोटी इकाइयों से बनी बड़ी इकाई। कपास = सेलुलोज का बहुलक
3. नायलॉन: सबसे मजबूत कृत्रिम रेशा। कोयला + जल + वायु से बनता है। पैराशूट, रस्से में
👉- संक्षेपित रेशों के गुणधर्म: ये शीघ्र सूखते हैं, अधिक चलाऊ होते हैं, कम महंगे होते हैं, असानी से उपलब्ध और रख-रखाव में सुविधा जनक होते हैं |
👉- संक्षेपित रेशों की तरह प्लास्टिक भी एक बहुलक (Polymer) है | जिसे कोई भी आकार दिया जा सकता है | इसका पुन: चक्रण भी हो सकता है |
👉- ऐसा प्लास्टिक जो गर्म करने पर असानी से विकृत हो जाता है और सरलतापूर्वक मुड़ जाता है, थर्मोप्लास्टिक कहलाता है | उदाहरण - पोलिथीन और पीवीसी (PVC) आदि |
👉- थर्मोप्लास्टिक प्लास्टिक का उपयोग खिलौने, कंघियाँ और विभिन्न प्रकार के पात्रों के बड़े पैमाने पर निर्माण हेतु किया जाता है |
👉- जिन प्लास्टिकों को ऊष्मा देकर नर्म नहीं किया जा सकता हो उसे थर्मोसेटिंग प्लास्टिक कहते हैं | उदाहरण- बेकेलाइट और मेलामाइन आदि |
👉- बेकेलाइट ऊष्मा एवं विद्युत का कुचालक है ।लिए इसका उपयोग कुकर के हत्थों और बिजली के स्विच आदि बनाने में किया जाता है |
👉- मेलामाइन एक बहुउपयोगी पदार्थ है जो आग का प्रतिरोधक है तथा अन्य प्लास्टिक की अपेक्षा इसमें ऊष्मा को सहने की अधिक क्षमता होता है | इसका उपयोग फर्श की टाइल्स, रसोई के बर्तन और आग रोधी कपड़े बनाने में किया जाता है |
👉- आग बुझाने वाले कर्मचारियों के परिधानों पर मेलामाइन की परत चढ़ी होती है जो उसे अग्निरोधक बनाती है |
👉- प्लास्टिक वायु और जल से अभिक्रिया नहीं करते हैं |
👉- प्लास्टिक ऊष्मा एवं विद्युत का कुचालक है, इसलिए बिजली के तार प्लास्टिक से ढके होते हैं|
👉- टेफ्लॉन एक विशिष्ट प्रकार का प्लास्टिक है जिस पर तेल और जल चिपकता नहीं है | इसलिए इसका उपयोग भोजन पकाने के पात्रों पर न चिपकने वाली परत के रूप में किया जाता है |
👉- माइक्रोवेव ओवन में भोजन पकाने के लिए विशिष्ट प्लास्टिक पात्र उपयोग में लिए जाते हैं | जिन पर ऊष्मा का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है | ऊष्मा भोजन को तो पका देती है, परन्तु प्लास्टिक पर प्रभाव नहीं डाल पाती है |
👉- वह पदार्थ जो प्राकृतिक प्रक्रिया, जैसे जीवाणुओं की क्रिया द्वारा अपघटित हो जाता है, जैव निम्नीकरणीय कहलाता है |
1 अंक वाले सबसे जरूरी Point
1. थर्मोप्लास्टिक= गर्म करने पर पिघलता है - पोलिथीन, PVC
2. थर्मोसेटिंग= गर्म करने पर नहीं पिघलता - बेकेलाइट, मेलामाइन
3. प्लास्टिक = ऊष्मा + विद्युत का कुचालक, इसलिए तारों पर चढ़ाते हैं
4. टेफ्लॉन= नॉन-स्टिक परत में
*अतिरिक्त प्रश्नोत्तर - Text*
प्रश्न - कपडे कितने प्रकार से प्राप्त रेशों से बनता है ?
उत्तर - 1. प्राकृतिक रेशे 2. कृत्रिम रेशे ।
प्रश्न - कुछ प्राकृतिक रेशों एवं उनके स्रोतों के नाम लिखिए।
उत्तर -
1. कपास - पौधों से
2. ऊन - जंतुओं से
3. रेशम - जंतुओं से
प्रश्न - संप्लेषित रेशे किसे कहते है ?
उत्तर - ऐसे रेशे जो मनुष्य स्वयं तैयार करता है संप्लेषित रेशे कहलाते हैं।
प्रश्न - रेयॉन क्या है ? इसे कृत्रिम रेशम क्यों कहते है ?
उत्तर - रेयॉन रेशम के समान गुणों वाला रेशा है जिसे वैज्ञानिकों के द्वारा काष्ठ लुगदी के रासायनिक उपचार से प्राप्त किया गया रेशा हैं । चूंकि रेयॉन रेशम के
Exam Trick:
1 अंक = कपड़े 2 प्रकार के रेशों से - प्राकृतिक + कृत्रिम
2 अंक = स्रोत लिखो - कपास=पौधे, ऊन/रेशम=जंतु
3 अंक = रेयॉन की definition + कारेशम
प्रश्न - उस संप्लेशित रेशे का नाम बताइए जिसका तार इस्पात के तार से भी मजबूत होता है।
उत्तर - नाइलॉन।
प्रश्न - पेट (PET) क्या है ?
उत्तर - एक बहुत सुपरिचित प्रकार का पॉलिएस्टर है। जिसका उपयोग बोतले , बर्तन , फिल्म , तार और अन्य उपयोगी उत्पादों के निर्माण के लिए किया जाता है।
प्रश्न - संक्षेपित रेशों के एक हानिकारक गुण लिखिए।
उत्तर - संक्षेपित रेशों से बने वस्त्र में यदि आग लग जाए तो कपडा और पहनने वाले व्यक्ति के शरीर से चिपक जाता है।
प्रश्न - ऐक्रिलिक क्या है ?
उत्तर - ऐसे ऊन जो प्राकृतिक सोतो से न प्राप्त कर संक्षेपित किए जाते है उन्हें ऐक्रिलिक कहते है। इनसे ऊनी वस्त्र बनाए जाते है।
प्रश्न - संक्षेपित रेशों के गुण लिखिए ।
उत्तर - संक्षेपित रेशों के गुण निम्नलिखित है।
(i) ये शीघ्र सुखते हैं।
(ii) अधिक चलाऊ , कम महंगे और असानी से उपलब्ध होते है।
(iii) ये रखाव में सुविधाजनक होते है।
प्रश्न - प्लास्टिक कितने प्रकार के होते है ?
उत्तर - 1. थर्मोप्लास्टिक 2. थर्मोसेटिंग प्लास्टिक
प्रश्न - बैकेलाइट क्या है ? इसके दो उपयोग लिखिए।
उत्तर - बैकेलाइट थर्मोसेटिंग प्लास्टिक है जो ऊष्मा और विद्युत का कुचालक होता है । इसलिए इसका उपयोग बिजली के स्विच और बर्तनों के हत्थे बनाने में किया जाता है।
प्रश्न - सबसे अधिक ऊष्मा सहने की क्षमता वाले प्लास्टिक का नाम लिखिए ।
1 मार्क के 3 सबसे Important.
1. इस्पात से मजबूत रेशा = नाइलॉन
2. PET का use = बोतल, बर्तन बनाने में
3. संक्षेपित रेशे की हानि = आग लगने पर शरीर से चिपक जाते हैं
प्रश्न - सबसे अधिक ऊष्मा सहने की क्षमता वाले प्लास्टिक का नाम लिखिए ।
उत्तर - मेलामाइन।
प्रश्न - खाय पदार्थों के संचयन हेतु प्लास्टिक पात्रों के उपयोग के तीन प्रमुख लाभ बताइए।
उत्तर - प्लास्टिक पात्र सबसे सुविधाजनक होते है क्योकि उनका भार हल्का होता है। कम किमत , अच्छा सामर्थ्य और उपयोग में आसानी होती है।
प्रश्न: थर्मोप्लास्टिक और थर्मो सेटिंगप्लास्टिक में अन्तर स्पष्ट कीजिए ।
उत्तर: थर्मोप्लास्टिक सेटिंगप्लास्टिक
1. ये गर्म करने पर विकृत हो जाते हैं । 1. ये गर्म करने पर विकृत नहीं होते है ।
2. ये सरलतापूर्वक मुड़ जाते हैं । 2. ये मुड़ते नहीं है।
3. इनका उपयोग खिलौने और
बर्तनों के बनाने में किया जाता है । 3. इनसे बर्तनों के हत्थे
जैसा गर्मी सहने वाला समान बनाए जाते है
प्रश्न - समझाइए कि डेगची के हत्थे थर्मोसेटिंग प्लास्टिक से क्यों बनाए जाते है ?
उत्तर - इनमें ऊष्मा सहने की क्षमता अधिक होती है और गर्म होने पर ये नर्म नहीं होते है।
प्रश्न - आग बुझाने वाले कर्मचारियों के परिधानों पर किस पदार्थ की परत चढी होती है और क्यो ?
उत्तर - मेलामाइन की , क्योंकि ये आग का प्रतिरोधक है।
प्रश्न - जैव निम्नीकरणीय और जैव अनिम्नीकरणीय में क्या अंतर है। उत्तर - जो पदार्थ प्राकृतिक प्रक्रिया , जैसे जीवाणु की क्रिया द्वारा अपघटित हो जाता है जैव निम्नीकरणीय कहलाता है जैसे - फलों और सब्जियों के छिलके , कागज और खाद्य पदार्थ आदि।
जो पदार्थ प्राकृतिक प्रक्रिया , द्वारा असानी से अपघटित नहीं होते है जैव अनिम्नीकरणीय कहलाते है जैसे - प्लास्टिक, पोलीथीन आदि ।
Exam के लिए Table याद रखने की Trick
थर्मो + प्लास्टिक= गर्म करो तो पिघल जाए → खिलौने
थर्मो + सेटिंग = गर्म करो तो सेट हो जाए → हत्थे, स्विच

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