👉 शिक्षकों का ट्रांसफर और पोस्टिंग 14 दिनों में पूरी होगी
👉 शिक्षकों का ट्रांसफर और पोस्टिंग 14 दिनों में पूरी होगी, 1 जुलाई से नए स्कूल में पढ़ाए
👉 शिक्षक 20 से 25 जून तक ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकेंगे
सुचना :-
बिहार में 5.80 लाख शिक्षकों की ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया 14 दिनों में पूरी हो जाएगी। 1 जुलाई से शिक्षक नए स्कूल में पढ़ाना शुरू करेंगे। नई कार्यप्रणाली के लिए 7 दिन यानी 1 से 7 जुलाई तक का समय मिलेगा। इसके बाद भी शिक्षक नए स्कूल में कार्यरत नहीं, प्रक्रिया पूरी तो उन्हें कारण बताना होगा। ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया 17 जून के बाद शुरू होगी। उससे पहले सरकार को सहमति के लिए 17 जून को शिक्षा विभाग नई ट्रांसफर नीति को कैबिनेट की बैठक में रखेगा। कैबिनेट से पास होने के बाद इसे लागू कराया जाएगा।
6 दिनों में 5.80 लाख शिक्षक आवेदन करेंगे:
ट्रांसफर के लिए शिक्षकों को 6 दिन का समय मिलेगा। 5.80 लाख शिक्षक 20 से 25 जून तक ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकते हैं। शिक्षकों के आवेदन के साथ ही शिक्षा विभाग स्कूलों में रिक्त सीटों की जानकारी प्राप्त करेगा। उसके बाद 26 से 30 जून तक नए स्कूलों में शिक्षकों की पोस्टिंग की जाएगी। उससे पहले 18 से 20 जून तक नई ट्रांसफर नीति को लाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके बाद शिक्षकों से आवेदन मांगा जाएगा।
एक विषय में एक शिक्षक, सीट नहीं तो दूसरे स्कूल में जाएंगे:
एक स्कूल में एक विषय पर एक शिक्षक के आधार पर ट्रांसफर-पोस्टिंग होगी। यदि किसी स्कूल में किसी विषय में एक से अधिक शिक्षक होंगे तो उनका ट्रांसफर दूसरे स्कूल में किया जाएगा। जिन स्कूलों में मानक से अधिक शिक्षक होंगे, वहां से शिक्षकों को हटाया जाएगा। जानकारी के मुताबिक 1 से ऊंची कक्षा में 120 छात्रों पर 5 और 121 से 150 छात्रों पर 6 शिक्षकों की पोस्टिंग होगी। इसके साथ ही 1 से 5वीं तक के स्कूलों में न्यूनतम 9 शिक्षकों की पोस्टिंग की जाएगी।
11 राज्यों की शिक्षा नीति को समझा:
बिहार में ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए शिक्षा विभाग ने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा समेत 11 राज्यों की शिक्षा नीति का अध्ययन किया है। शिक्षकों की पोस्टिंग, उनके कर्तव्य, ट्रांसफर के तरीके, ट्रांसफर के बाद की प्रक्रिया, जिला शिक्षा अधिकारी के अधिकार सहित अन्य मुद्दों का अध्ययन किया गया है। इसके बाद बिहार की भौगोलिक स्थिति, शिक्षकों की संख्या, छात्रों की स्थिति, ग्रामीण और शहरी स्कूलों की संख्या की भी उनके बाद नई नीति बनाई गई है। जानकारी के मुताबिक दूसरे राज्यों में शिक्षक ट्रांसफर के लिए केवल जिले का चुनाव करते हैं। रिक्त सीटों के आधार पर शिक्षा विभाग शिक्षकों को जिलों के अंदर किसी भी स्कूल में ट्रांसफर कर सकता है। यदि रिक्ति नहीं होती है तो समायोजन नहीं होगा। ऐसे में संभावना है कि आने वाले समय में शिक्षा विभाग शिक्षकों को ट्रांसफर-पोस्टिंग में दूसरे राज्यों की तरह ही काम करेगा।
दो साल से ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए काम:
बिहार में शिक्षकों की ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए पिछले 2 साल से काम हो रहा है। इस दौरान 1.80 लाख शिक्षकों की ट्रांसफर भी हो चुकी है। इसके बावजूद प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसकी वजह शिक्षक अपने घर के पास या फिर पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, बक्सर, सिवान, छपरा, गोपालगंज, कटिहार समेत बड़े शहरों में ट्रांसफर चाहते हैं। ऐसे में ग्रामीण स्कूलों के शिक्षक विहीन होने का खतरा है। बिहार के शिक्षकों का फेवरेट पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया, बेतिया, बेगूसराय है। दूसरे राज्यों के शिक्षकों को पहली पसंद बक्सर, सिवान, छपरा, गोपालगंज समेत बाहर के जिले हैं, क्योंकि ये आसपास के जा सकते हैं।
नोट: बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षक और छात्रों के अनुपात में ट्रांसफर-पोस्टिंग होगी। किसी स्कूल में एक ही विषय में अधिक शिक्षक होंगे तो उनका समायोजन दूसरे स्कूल में किया जाएगा। शिक्षा विभाग जून तक शिक्षकों की ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया को पूरा करेगा। इससे नए सत्र के साथ ही शिक्षक नई पोस्टिंग वाले स्कूलों में पढ़ाना शुरू कर देंगे।
खबर के मुख्य पॉइंट 1 लाइन में:
1. कब तक: 14 दिन में प्रक्रिया पूरी, 1 जुलाई से नए स्कूल
2. आवेदन: 20-25 जून तक 5.80 लाख शिक्षक आवेदन करेंगे
3. नियम: 1 विषय = 1 शिक्षक। अतिरिक्त शिक्षक दूसरे स्कूल जाएंगे
4. अनुपात: 120 बच्चे पर 5 शिक्षक, 150 बच्चे पर 6 शिक्षक

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें