मौसम और ऋतुएँ- प्रकृति का 'बदलता' रूप
जब हम सुबह सोकर उठते हैं तो कभी हमें ठंड लगती है तो कभी बहुत गर्मी। कभी आसमान में तेज धूप होती है, तो
कभी काले बादल छा जाते हैं और बारिश होने लगती है। प्रकृति के इस बदलते हुए रूप को ही हम 'मौसम' और
'ऋतु' कहते हैं। हालाँकि हम अक्सर इन दोनों शब्दों का एक ही अर्थ में प्रयोग करते हैं, लेकिन विज्ञान की भाषा में इनमें बहुत अंतर है।
मौसम क्या है? (What is Weather?)
मौसम (Weather) किसी स्थान की अल्पकालिक (Short-term) स्थिति को कहते हैं। यह दिन-प्रतिदिन, यहाँ तक कि घंटे-प्रतिघंटे भी बदल सकता है। उदाहरण के लिए, हो सकता है कि सुबह तेज धूप हो और शाम को अचानक बारिश हो जाए ।
ऋतु (Season) और मौसम में अंतर
जहाँ मौसम हर दिन बदलता है, वहीं ऋतु (Season) लंबे समय
तक रहने वाली मौसमी स्थिति है। जब एक जैसा मौसम लगातार 3 से
4 महीने तक बना रहता है तो उसे हम एक 'ऋतु' कहते हैं ।
ऋतुएँ क्यों बदलती हैं ?
ऋतुओं के बदलने का मुख्य कारण हमारी पृथ्वी की गति है।
पृथ्वी सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाती है (जिसे 'परिक्रमण' या
Revolution कहते हैं) और साथ ही वह अपनी धुरी पर थोड़ी झुकी जनवरी सर्दी
फरवरी
मार्च
वसंत
गर्मी
शरद
ऋतु
pag
अप्रैल
मानसून
हुई (Tilted) है। इस झुकाव के कारण साल के अलग-अलग समय पर पृथ्वी के अलग-अलग हिस्सों पर सूर्य की किरणें सीधी या तिरछी पड़ती हैं।
भारत की मुख्य ऋतुएँ (Major Seasons of India)
भारत एक विशाल देश है और यहाँ की जलवायु बहुत विविधतापूर्ण है। मुख्य रूप से भारत में चार से पाँच प्रमुख
ऋतुएँ मानी जाती हैं—
(क) ग्रीष्म ऋतु (Summer Season)
• समय - अप्रैल से जून तक ।
• विशेषता - इस समय सूर्य की किरणें भारत के भू-भाग पर सीधी पड़ती हैं, जिससे तापमान बहुत बढ़ जाता है। दिन बहुत लंबे होते हैं और रातें छोटी होती हैं।
• प्रभाव - उत्तर भारत में दोपहर के समय बहुत गर्म और धूल भरी हवाएं चलती हैं, जिन्हें 'लू' (Loo) कहा जाता है। नदी और तालाबों का पानी सूखने लगता है।
• खान-पान और वस्त्र - लोग सूती और हल्के रंग के कपड़े पहनना पसंद करते हैं। खाने में ठंडी चीजें, जैसे-
तरबूज, खीरा, लस्सी, छाछ और फलों के राजा आम का आनंद लिया जाता है।
(ख) वर्षा ऋतु (Monsoon / Rainy Season)Km
समय - जुलाई से सितंबर तक ।
विशेषता - गर्मी के बाद समुद्र (हिंद महासागर और अरब सागर) से नमी से भरी हवाएं जमीन की तरफ आती
हैं। इन्हें 'मानसून पवनें' कहते हैं। ये हवाएँ अपने साथ काले बादल लाती हैं और पूरे भारत में बारिश करती हैं ।
• महत्व - भारत एक कृषि प्रधान देश है, इसलिए यहाँ के किसानों के लिए वर्षा ऋतु वरदान है। अच्छी बारिश का
अर्थ है अच्छी फसल ।
(ग) शरद् ऋतु / पतझड़ (Autumn Season )
• समय - अक्टूबर और नवंबर।
विशेषता - यह मानसून के जाने और सर्दी के आने के बीच का समय है। इस समय न तो ज्यादा गर्मी होती है।
और न ही ज्यादा सर्दी। आसमान साफ हो जाता है।
• प्रभाव - कई पेड़ अपनी पुरानी पत्तियाँ गिरा देते हैं, इसलिए इसे 'पतझड़' भी कहते हैं। यह समय त्योहारों का
होता है; दशहरा और दिवाली जैसे बड़े त्योहार इसी सुहावने मौसम में मनाए जाते हैं।
(घ) शीत ऋतु (Winter Season)
• समय - दिसंबर से फरवरी तक ।
विशेषता- इस समय सूर्य की किरणें तिरछी पड़ती हैं, जिससे तापमान बहुत कम हो जाता है। उत्तरी भारत के पहाड़ी इलाकों (जैसे कश्मीर, हिमाचल) में बर्फबारी (Snowfall) होती है। दिन छोटे और रातें लंबी हो जाती हैं।
• खान-पान और वस्त्र - ठंड से बचने के लिए लोग ऊनी कपड़े (स्वेटर जैकेट पहनते हैं। खाने में गर्म चीजें
जैसे सूप, मूँगफली, गाजर का हलवा और तिल के लड्डू पसंद किए जाते हैं ।
(ङ) वसंत ऋतु (Spring Season)
• समय - फरवरी और मार्च।
• विशेषता - इसे 'ऋतुराज' या सभी ऋतुओं का राजा कहा जाता है। यह सर्दी के जाने और गर्मी के आने के बीच का समय है। मौसम सबसे ज्यादा सुहावना होता है।
सौंदर्य – चारों तरफ नए फूल खिलते हैं, पेड़ों पर नई पत्तियां आती हैं और खेत सरसों के पीले फूलों से भर जाते हैं। होली का त्योहार इसी रंगीन मौसम में मनाया जाता है। जलवायु परिवर्तन- -एक चुनौती (Climate Change) आजकल हम देखते हैं कि कभी-कभी सर्दियों में गर्मी लगने लगती है या बेमौसम बारिश हो जाती है। यह 'ग्लोबल वार्मिंग' (Global Warming) और प्रदूषण का नतीजा है। हम इंसान पेड़ों को काट रहे हैं और गाड़ियों-फैक्ट्रियों से
धुआँ निकाल रहे हैं, जिससे पृथ्वी का संतुलन बिगड़ रहा है। अगर मौसम का चक्र बिगड़ गया तो खेती और पानी की भारी समस्या हो सकती है।
निष्कर्ष - हमें प्रकृति के इस चक्र का सम्मान करना चाहिए। पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त रखकर और अधिक पेड़ लगाकर हम
यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि यह सुंदर मौसम चक्र आने वाली पीढ़ियों के लिए भी बना रहे ।

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