उत्तर—यह एक प्रकार का द्रव्य है जिसे किसी भी भौतिक विधि द्वारा अन्य सरल पदार्थों में विभाजित नहीं किया जा सकता यह एक ऐसा एकल पदार्थ है जिसका ताप पर सदा एक जैसा रहता है । रंग, स्वाद, स्वभाव आदि निश्चित
उदाहरण—आसुत जल, ऑक्सीजन गैस, कार्बन डाइऑक्साइड गैस आदि ।
प्रश्न 2. मिश्रण क्या है ?
उत्तर–दो या दो से अधिक पदार्थों (तत्त्व या यौगिक) को किसी भी अनुपात में मिलाने पर कोई नया पदार्थ नहीं बनता और मिश्रित पदार्थ के गुण उसके अवयवों के गुणों के मध्यवर्ती होते हैं, मिश्रण कहलाता है । मिश्रण के अवयवों को सरल भौतिक विधियों द्वारा पृथक्-पृथक् भी किया जा सकता है
उदाहरण-नींबू पानी (शर्बत) : पानी, चीनी, नमक व नींबू का मिश्रण है । अतः इसमें नमकीन, मीठा व खट्टा सभी का स्वाद है । नमकीन पानी, चीनी का घोल, मिश्रधातु, लकड़ी, रक्त दूध, मिट्टी का तेल सभी मिश्रण के उदाहरण
प्रश्न 3. कोलॉइडल विलयन जैसे दूध में कण समान रूप से फैले दिखाई देते हैं, क्या यह विलयन समांगी है या विषमांगी ?
उत्तर – दूध में विलेय के कण समान रूप से वितरित हुए दिखाई देते हैं, इसका कारण यह है कि इनके कणों का आकार सूक्ष्म होता है, लेकिन वास्तव में यह विषमांगी मिश्रण है ।
प्रश्न 4. विलयन क्या है ? उदाहरण दें ।
उत्तर – दो या दो से अधिक पदार्थों के समांगी मिश्रण को विलयन कहते हैं । उदाहरण : शर्बत, कोक, पैप्सी, पानी में नमक का विलयन, पानी में चीनी का घोल ।
प्रश्न 6. कोलॉइडल विलयन जैसे दूध में कण समान रूप से फैले दिखाई देते हैं, क्या यह विलयन समांगी है या विषमांगी ?
उत्तर–दूध में विलेय के कण समान रूप से वितरित हुए दिखाई देते हैं, इसका कारण यह है कि इनके कणों का आकार सूक्ष्म होता है, लेकिन वास्तव में यह विषमांगी मिश्रण है ।
प्रश्न 7. विलयन क्या है ? उदाहरण दें ।
उत्तर–दो या दो से अधिक पदार्थों के समांगी मिश्रण को विलयन कहते हैं ।
उदाहरण: शर्बत, कोक, पैप्सी, पानी में नमक का विलयन, पानी में चीनी का घोल ।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1. किसी विलयन की सान्द्रता को किस प्रकार व्यक्त किया जाता है ।
उत्तर–विलयन की सान्द्रता को दिए हुए विलयन के द्रव्यमान या आयतन में उपस्थित विलेय की मात्रा या दिए हुए विलायक के द्रव्यमान या आयतन में घुले है । विलेय की मात्रा के संदर्भ में व्यक्त करते हैं । विलयन की प्रतिशत सान्द्रता को विलेय के द्रव्यमान, जो विलयन की 100 द्रव्यमान इकाई में विलेय का द्रव्यमान होता है, के रूप में भी व्यक्त किया जाता है । इसकी द्रव्यमान इकाई ग्राम है ।
विलयन का द्रव्यमान उदाहरण के लिए यदि द्रव्यमान अर्थात् 10% ग्लूकोज (C,H2O) के विलयन को लें। इसमें 100g विलयन में 10g ग्लूकोज होता है । अर्थात् 90 g जल में 10 g ग्लूकोज घुला होता है । यदि कुछ विशिष्ट रूप से नहीं कहा गया हो तो प्रतिशत का अर्थ विलेय के द्रव्यमान के रूप में प्रतिशत मात्रा है और जल विलायक होता है
प्रश्न 2. दो घुलनशील द्रवों के मिश्रण के कैसे पृथक कर सकते हैं । एक क्रिया-कलाप द्वारा इसे समझावें ।
उत्तर-एसीटोन और जल के मिश्रण से एसीटोन को अलग करना है। मिश्रण को आसवन फ्लास्क में लिया जाता है। इसमें एक थर्मामीटर लगा दिया जाता है ।
एसीटोन वाष्पित होता है और संघनक द्वारा द्रव में बदल कर बर्तन में इकट्ठा होता है ।
जल आसवन फ्लास्क में शेष रह जाता है । थर्मामीटर कुछ देर के लिए स्थिर हो जाता है जब तक कि सारा का सारा एसीटोन वाष्पित न हो जाए । एसीटोन का क्वथनांक 56°C है। थर्मामीटर 56°C पर आकर रुकता है । वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा के चलते थर्मामीटर का पठन रुका रहता है । इस विधि को आसवन विधि कहा जाता है। इसका उपयोग कैसे मिश्रण को पृथक करने में किया जाता है जो विघटित हुए बिना उबलते है तथा जिनके घटकों के क्वथनांक के मध्य अधिक अन्तराल होता है । दो या दो से अधिक घुलनशील द्रवों जिनमें क्वथनांक 25 K से कम होता है, के मिश्रण को पृथक करने के लिए प्रभाजी आसवन विधि का प्रयोग किया जाता है । जैसे वायु से विभिन्न गैसों का पृथक्करण और पेट्रोलियम उत्पादों से उनके विभिन्न घटकों का पृथक्करण । वायु से गैसों को प्राप्त करने संबंधी प्रवाह चित्र खींचकर समझावें ।
प्रश्न 3. उत्तर-वायु एक समांगी मिश्रण है तथा इसके घटकों को प्रभाजी आसवन द्वारा पृथक किया जा सकता है । प्रवाह चित्र नीचे दिया गया है । इस विधि के विभिन्न चरणों को दर्शाता है ।
यदि हम वायु से ऑक्सीजन गैस को प्राप्त करना चाहते हैं, तो हमें वायु में उपस्थित दूसरी गैसों को पृथक करना होगा । द्रव वायु प्राप्त करने के लिए पहले वायु पर दबाव बढ़ाया जाता है और फिर ताप को घटा कर उसे ठंढा कर संपीड़ित किया जाता है । इस द्रवित गैस को प्रभाजी आसवन स्तंभ में धीरे-धीरे गर्म किया जाता है जहाँ सभी गैसें विभिन्न ऊँचाईयों पर अपने क्वथनांक के अनुसार पृथक हो जाती है । (वायु से गैसों को प्राप्त करने के लिए प्रवाह चित्र)
प्रश्न 4. किसी अशुद्ध नमूने में से शुद्ध कॉपर सल्फेट कैसे प्राप्त करेगें ? आवश्यक क्रियाकलाप देकर समझावें
उत्तर – एक चीनी मिट्टी की प्याली में 5g अशुद्ध कॉपर सल्फेट लेकर इसे जल की न्यूनतम मात्रा में विलयन तैयार कर लिया जाता है । अब इसे गर्म किया जाता है। विलयन को छानक पत्र से छानकर इसे शांत छोड़ दिया जाता । कम-से-कम 12 घंटे तक ठंढा होने के लिए छोड़ दिया जाता है। प्याली में कॉपर सल्फेट के क्रिस्टल प्राप्त होता है । यह विधि क्रिस्टलीकरण कहलाता है ।
क्रिस्टलीकरण विधि का प्रयोग ठोस पदार्थों को शुद्ध करने में किया जाता है । उदाहरण के लिए समुद्री जल से जो नमक प्राप्त होता है उसमें बहुत सी अशुद्धियाँ हो सकती है । इन अशुद्धियों को दूर करने के लिए क्रिस्टलीकरण विधि का उपयोग किया जाता है । क्रिस्टलीकरण वह विधि है जिसके द्वारा क्रिस्टल के रूप में शुद्ध ठोस को विलयन से पृथक् किया जाता है ।
इसका अनुप्रयोग समुद्री जल द्वारा प्राप्त नमक के शुद्ध करने में तथा अशुद्ध नमूने से फिटकिरी को पृथक करने में होता है ।
प्रश्न 5. भौतिक और रासायनिक परिवर्तन से क्या समझते हैं ? उदाहरणों द्वारा इसकी पुष्टि कीजिए । भौतिक और रासायनिक परिवर्तन में क्या अन्तर है ?
उत्तर- भौतिक परिवर्तन-भौतिक परिवर्तन वस्तुओं में गुण और अवस्था में वह परिवर्तन है जिसके कारण फलस्वरूप क्रिया के उलटने पर फलित वस्तु से आदि वस्तु प्राप्त की जा सके ।
जैसे—मोम का पिघलना पानी से जलवाष्प का बनना । मोम (ठोस) → द्रव (मोम) ऊष्मा ठंढा ऊष्मा मोम (ठोस) द्रव (मोम) गुण और अवस्था रासायनिक परिवर्तन- रासायनिक परिवर्तन वस्तुओं के में वह परिवर्तन है, जिसके कारण फलस्वरूप क्रिया के उलटने पर फलित वस्तु से आदि वस्तु की प्राप्ति नहीं हो सके । जैसे- लकड़ी का जलना, लोहे में जंग लगना यह असंभव है कि राख से पुनः लकड़ी प्राप्त हो सके ।
भौतिक परिवर्तन और रासायनिक परिवर्तन में भेद-
उत्तर – मिश्रण—एक या एक से अधिक शुद्ध तत्वों या यौगिकों से मिलकर बने पदार्थ को मिश्रण कहते हैं। जैसे नमक और नौसादर का मिश्रण । इसे साधारण यांत्रिक विधियों द्वारा अलग कर सकते हैं ।
यौगिक—यौगिक वह पदार्थ है जो दो या दो से अधिक तत्वों के नियत अनुपात में रासायनिक तौर पर संयोजन से बना है । जैसे—जल एक यौगिक है । यह 2 आयतन H और 1 आयतन के संयोग से बना है । H और O का आयतनात्मक अनुपात 2:1 है ।
इसी प्रकार CO2 एक यौगिक है । 12 ग्राम कार्बन, 32 ग्राम ऑक्सीजन से रासायनिक तौर पर संयोग कर कार्बन डायक्साइड बनाता है । इसके भारों में अनुपात = 12:32 = 3 : 8 हैं ।
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